Category Archives: आचार्य श्रीराम आर्य जी

कुरान समीक्षा : खुदा बिना कारण रोजी कम या ज्यादा करता है

खुदा बिना कारण रोजी कम या ज्यादा करता है

इस आयत के होते हुए खुदा को मुन्सिफ अर्थात् न्यायकत्र्ता साबित करें।

देखिये कुरान में कहा गया है कि-

अल्लाहु यब्सुतुर्रिज-क लिमंय्यशाउ…………।।

(कुरान मजीद पारा २० सूरा अकंबूत रूकू ६ आयत ६२)

अल्लाह ही अपने बन्दों में से जिसको चाहे रोजी देता है और जिसको चाहे नपी तुली कर देता है और जिससे चाहे छीन भी लेता है बेशक! अल्लाह हर चीज से जानकार है।

व मा अर्सल्ना मिर्रसूलिन् इल्ला…………..।।

(कुरान मजीद पारा १३ सूरा इब्राहीम रूकू १ आयत ४)

खुदा जिसको चाहता है भटकाता है और जिसे चाहता है राह दिखा देता है।

समीक्षा

खुदा का हर काम किसी न किसी आधार पर होता है। बिना कारण किसी को ज्यादा या कम देना, किसी को सजा या इनाम दे तो यह खुदा को बे-इन्साफ साबित करता है। तो जब खुदा ही बेइन्साफी करेगा तो दुनियां में उसकी देखा-देखी बेइन्साफी व धांधलेबाजी क्यों न चलेगी?

कुरान की यह आयत खुदा को दोषी स्वेच्छाचारी अन्यायी घोषित करती है। यदि ऐसा ही कोई मजिस्ट्रेट यहाँ भी करने लगे तो उसे क्या कहा जावेगा? वही खुदा के बारे में भी समझ लेवें। उसका तबादला तुरन्त दूसरी जगह करा दिया जावेगा।

कुरान समीक्षा : खुदा बहुत ऊँचा है

खुदा बहुत ऊँचा है

खुदा दिन में तथा रात में किस दिशा में बहुत ऊंचाई पर रहता है सप्रमाण यह स्पष्ट किया जावे?

देखिये कुरान में कहा गया है कि-

फ-त- आलल्-लाहुल-मालिकुल्………….।।

(कुरान मजीद पारा १८ सूरा मुअ्मिनून रूकू ६ आयत ११६)

जो खुदा सच्चा बादशाह बहुत ऊँचा है। उसके सिवाय कोई पूजित नहीं, वही बड़े तख्त का मालिक है।

समीक्षा

जमीन हर समय घूमती रहती है दोपहर को जो तारे हमारे ऊपर होते हैं वे शाम को हट जाते हैं और रात को वे विपरीत दिशा में होते है। अतः स्पष्ट किया जावे कि ऊपर से तात्पर्य किस दिशा से है खुदा जब ऊपर रहता है तो यहाँ पर तथा नीचे की दिशा में वह नहीं रहता है यह स्पष्ट है, न वह हाजिर नाजिर अर्थात् सर्वव्यापक ही है।

कुरान समीक्षा : जमीन और पहाड़ उठाकर तोड़े जायेंगे

जमीन और पहाड़ उठाकर तोड़े जायेंगे

निराधार आकाश में स्थित जमीन को उठाकर तोड़ना कैसे सम्भव होगा? सप्रमाण यह स्पष्ट किया जावे?

देखिये कुरान में कहा गया है कि-

फयौमइजिंव्व-क-अतिल…………।।

(कुरान मजीद पारा २९ सूरा हाक्का रूकू १ आयत १४)

और जमीन और पहाड़ दोनों उठा लिये जायेंगे और एक बारगी तोड़-फोड़ कर बराबर कर दिये जायेंगे।

समीक्षा

उठाकर तोड़ना उसका होता है जो किसी पर रखा होता है। जमीन आकाश में निराधर रूप से स्थिर है। उसका उठाना गिराना बताना कम अक्ल की बात है।

कुरान समीक्षा : खुदा ने खालों के डेरे बनाये

खुदा ने खालों के डेरे बनाये

मुर्दा जानवरों की खाल उतारकर खुदा ने खुद ही डेरे-तम्बू आदि की सिलाई करने का चमारों जैसा काम खुशी से किया या किसी मजबूरी में किया था? इसका खुलासा करें।

देखिये कुरान में कहा गया है कि-

वल्लाहु ज-अ-ल लकुम् मिम्…………।।

(कुरान मजीद पारा १४ सूरा नहल रूकू ११ आयत ८०)

और अल्लाह ही ने तुम्हारे लिए घरों को रहने की जगह बनाया और उसी ने चौपायों की खालों से तुम्हारे लिए डेरे बनाये कि तुम अपने कूंच के वक्त अपने ठहरने के वक्त उनको इल्का पाते हो।

समीक्षा

मुर्दा चौपायों को जिस पर से खाल उधेड़ना, उसे साफ करना और फिर उसे सीं कर डेरे बनाना चमारों का काम होता है क्या खुदा को ऐसे काम करने की जरूरत भी पड़ती थी?

सभी को उस पर तरस आवेगा। कुरानी इन्सान के काम भी करता है।

कुरान समीक्षा : खुदा को गूंगे-बहरों से घृणा है

खुदा को गूंगे-बहरों से घृणा है

गूंगे बहरे लोगों से घृणा करने वाला खुदा रहीम अर्थात् रहम करने वाला कैसे है?

देखिये कुरान में कहा गया है कि-

इन्-न शर्रद्दवाब्बि…………।।

(कुरान मजीद पारा ९ सूरा अन्फाल रूकू ३ आयत २२)

अल्लाह के नजदीक सब जानवरों में निकृष्ट बहरे गूंगे हैं जो नहीं समझते।

व लौ अलिमल्लाहु फीहिम्………..।।

(कुरान मजीद पारा ९ सूरा अन्फाल रूकू ३ आयत २३)

अगर अल्लाह इनमें भलाई पाता तो इनको सुनने की योग्यता भी जरूर देता लेकिन अगर खुदा इनको सुनने की काबलियत भी दे, तो भी यह लोग मुँह फेर कर उल्टे भागें।

समीक्षा

जिनको जन्म से गूंगा बहरा खुदा ने बनाया है उनको किस खता के बदले में यह दण्ड खुदा ने दिया है, यह खोला जावे? जन्म से पहले खुदा जीवों की काबलियत की जांच कब और कैसे करता है? जबकि कुरान के मत से जन्म पहली बार ही होता है।

किसी को भी अपनी भली बुरी योग्यता प्रदर्शित करने का अवसर वर्तमान जन्म से पूर्व नहीं मिलता है तब स्वयं ही बिना कारण के जीवों को गूंगा बहरा नहीं मिला है। तब स्वयं ही बिना कारण के जीवों को गूंगा बहरा बनाकर अपनी हालत प्रगट करना और फिर उन दीन दुखी गूंगे बहरों से घृणा करना खुदा की शराफत कैसे मानी जा सकती है?

ऐसे दुखी जीवों पर तो सभी को दया व प्रेम करना चाहिए। मनुष्य भी उन पर तरस खाते हैं पर अरबी बेरहम खुदा जो ‘रहमानर्रहीम’ बनने का दम भरता है, उनसे घृणा करता है, जब कि खुदा ही उनको गूंगा बहरा बनाता है?

क्या ऐसे अरबी खुदा को ‘‘रहीम’’ अर्थात् रहम करने वाला साबित किया जा सकता है?

कुरान समीक्षा : खुदा कयामत के दिन का मालिक है

खुदा कयामत के दिन का मालिक है

दुनियां को पैदा करके पालन करने वाला खुदा को बताना उसकी प्रतिष्ठा को बढ़ावेगा या उसे प्रलय अर्थात् विनाश के दिन का कब्रिस्तान का मालिक बताना बढ़ावेगा?

सरसब्ज बागों का मालिक दुनियां का परोपकार करने वाला भला आदमी होगा या मरघट का मालिक बनना अच्छी बात होगी ? कुरान ने कयामत का मालिक बताकर खुदा की बेइज्जती क्यों की है?

देखिये कुरान में कहा गया है कि-

मालिकि यौमिद्दीन………………।।

(कुरान मजीद पारा १ सूरा फातिहा रूकू १ आयत ३)

वही परवरदिगार न्याय के दिन अर्थात् कयामत के दिन का मालिक है।

समीक्षा

जो खुदा सारे संसार की सभी वस्तुओं का सदैव मालिक है उसे कयामत के दिन का मालिक बनाने से उसकी इज्जत नहीं बढ़ती है। जैसे भारत के मालिक को दिल्ली-आगरा का मालिक बताना उसका अपमान करना ही होगा।

कुरान समीक्षा : खुदा के प्रगट होने पर पहाड़ चूर-चूर हो गया

खुदा के प्रगट होने पर पहाड़ चूर-चूर हो गया

क्या खुदा इतना भारी था कि उसके बोझ के मारे पहाड़ भी चूर-चूर हो गया था? या खुदा इतना पापी था कि उसके आते ही तबाही पैदा हो गई थी? खुदा के आने पर खुशहाली क्यों नहीं पैदा होती खुलासा करें?

देखिये कुरान में कहा गया है कि-

व लम्मा जा- अ मूसा लिमी……….।।

(कुरान मजीद पारा ८ सूरा आराफ रूकू १७ आयत १४३)

फिर जब उसका पालनकर्ता पहाड़ पर जाहिर हुआ तो उसको चकनाचूर कर दिया और हजरत मूसा मूर्छा खाकर गिर पड़े।

समीक्षा

खुदा के जाने पर पहाड़ पर हरियाली और सुन्दर दृश्य पैदा हो जाने चाहिये थे, रोशनी होनी चाहिये थी। भले आदमी जब आते हैं तो खुशियां चारों ओर पैदा हो जाती हैं। बदमाश जब आते हैं तो बुरे लक्षण पैदा होते हैं।

खुदा क्या कोई राक्षस था जो उसके आने पर तबाही पैदा गई? या खुदा बेहद भारी था जो पहाड़ उसके बोझ से टूट कर चकनाचूर हो गया?