शव का दाह-कर्म ही होगा

शव का दाह-कर्म ही होगा मारीशस में सरकारी नियमानुसार किसी शव का दाह-कर्म नहीं किया जा सकता था। बीसवीं शताज़्दी के आरज़्भ की घटना है कि मारीशस में एक सैनिक टुकड़ी आई। इनमें से किसी की मृत्यु हो गई। नियमानुसार उसे दबाने के लिए कहा गया। आर्यवीर सैनिकों ने ऐसा करने से इन्कार कर दिया। सरकार ने पुलिस की सहायता से शव को भूमि में गाड़ना चाहा, परन्तु ये सैनिक विद्रोह पर तुल गये। सरकार को ललकारा-देखते हैं कि हमारा शव कौन छूता है? सरकार झुक गई। आर्यों की मारीशस में यह पहली बड़ी जीत थी। मारीशस में यह प्रथम दाह-कर्म था। यही लोग जाते-जाते सत्यार्थप्रकाश की एक प्रति दो-एक मित्रों को दे गये। आर्यसमाज का बीज बोनेवाले यही थे। … Continue reading शव का दाह-कर्म ही होगा

HADEES : A MUSLIM AND THE DEATH PENALTY

A MUSLIM AND THE DEATH PENALTY A Muslim who �bears testimony to the fact that there is no God but Allah, and I [Muhammad] am the Messenger of Allah,� can be punished with the death penalty only if he is a married adulterer, or if he has killed someone (i.e., someone who is a Muslim, according to many jurists), or if he is a deserter from Islam (4152-4155).  The translator tells us that there is almost a consensus of opinion among the jurists that apostasy from Islam must be punished with death.  Those who think such a punishment is barbarous should read the translator�s justification and rationale for it (note 2132). author : ram swarup

इस मुल्‍क ने बदला कानून, अब गैर मुस्‍ल‍िमों से भी शादी कर सकेंगी मुस्‍ल‍िम महिलाएं

इस मुल्‍क ने बदला कानून, अब गैर मुस्‍ल‍िमों से भी शादी कर सकेंगी मुस्‍ल‍िम महिलाएं 99 फीसदी मुस्‍लि‍म आबादी वाले देश ट्यूनीशिया ने अपने एक पुराने कानून को खत्‍म कर दिया है. इसके तहत अब  ट्यूनीशिया की महिलाओं को अपना जीवनसाथी चुनने की आजादी मिल गई है. अब तक ट्यूनीशिया में मुस्‍लि‍म महिलाओं से शादी के लिए गैर मुस्‍लि‍म युवकों को धर्म बदलना होता था. (प्रतीकात्‍मक फोटो) खास बातें महिलाओं को मिली जीवनसाथी चुनने की आजादी 1973 के पुराने कानून को खत्‍म किया गया 99 फीसदी आबादी ट्यूनीशिया में मुस्‍लि‍म है ट्यूनिस :  अरब क्रांति के बाद ट्यूनिशिया अब एक बार फ‍रि‍ से चर्चा में है. 99 फीसदी मुस्‍लि‍म आबादी वाले देश ट्यूनीशिया ने अपने एक पुराने कानून को खत्‍म कर … Continue reading इस मुल्‍क ने बदला कानून, अब गैर मुस्‍ल‍िमों से भी शादी कर सकेंगी मुस्‍ल‍िम महिलाएं

हदीस : मुहम्मद की आखि़री वसीयत

मुहम्मद की आखि़री वसीयत एक जुमेरात को जब उनकी बीमारी भयानक हो उठी, तो मुहम्मद ने कहा-“मैं तीन बातों के बारे में वसीयत करता हूं। बहुदेववादियों को अरब के इलाक़े से निकाल बाहर करो, विदेशी प्रतिनिधियों की वैसी ही मेज़बानी करो जैसी मैं करता रहा हूं।“ तीसरी बात हदीस सुनाने वाला भूल गया (4014)।   मुहम्मद अपने आखि़री क्षणों में एक वसीयत भी लिखना चाहते थे। उन्होंने लिखने के उपकरण मांगते हुए कहा-“आओ, मैं तुम्हारे लिए एक दस्तावेज लिख जाता हूं। उसके बाद तुम गुमराह नहीं होंगे।“ लेकिन उमर ने, जो वहां मौजूद थे, कहा कि लोगों के पास कुरान पहले से ही है। उमर ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ”अल्लाह की किताब हमारे लिए काफ़ी है“, और … Continue reading हदीस : मुहम्मद की आखि़री वसीयत

1मारीशस में आर्यसमाज

1मारीशस में आर्यसमाज जब सैनिक विद्रोह पर तुल गये पूज्यपाद स्वामी स्वतन्त्रानन्दजी महाराज ने लिखा है, ‘‘मारीशस में आर्यसमाज की स्थापना उसी भाँति हुई जैसे हवा कहीं से किसी बीज को उड़ाकर ले-जाए और किसी दूर की भूमि पर जा पटके और वह बीज वहाँ ही उग आये।’’ मारीशस में आर्यसमाज का बीज बोने और उसे अंकुरित करनेवाले महारथी थे-श्री रामशरणजी मोती, वीर खेमलालजी वकील, श्री केहरसिंह (गाँव चिदा, जिला फिरोज़पुर, पञ्जाब), श्रीरामजीलाल तथा श्री चुन्नीलाल आदि (चीमनी ज़िला हिसार, हरियाणा के) श्री लेखरामजी (आदमपुर गाँव, ज़िला हिसार, हरियाणा), श्री हरनाम सिंह (झज्झर, हरियाणा के), श्री मंसासिंहजी जालन्धर, ज़िला पञ्जाब के तथा श्री गुरप्रसाद गोपालजी आदि मारीशस-निवासी थे। श्री रामशरणजी मोती ने पञ्जाब से कुछ पुस्तकें मँगवाई थीं। उनमें रद्दी … Continue reading 1मारीशस में आर्यसमाज

HADEES: QISAS

QISAS QisAs literally means �tracking the footsteps of an enemy�; but technically, in Muslim law, it is retaliatory punishment, an eye for an eye.  It is the lex talionis of the Mosaic law. A Jew smashed the head of an ansAr girl and she died.  Muhammad commanded that his head be crushed between two stones (4138).  But in another case, which involved the sister of one of the Companions, bloodwite was allowed.  She had broken someone�s teeth.  When the case was brought to Muhammad, he told her that �QisAs [retaliation] was a command prescribed in the Book of Allah.� She made urgent pleas and was allowed to go free after paying a money compensation to the victim�s next of kin (4151). author : ram swarup

पाक में एक और हिंदू युवती का जबरन निकाह

 पाक में एक और हिंदू युवती का जबरन निकाह    पाक में एक और हिंदू युवती का जबरन निकाह पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदुओं का सम्मान से जीना और मुश्किल होता जा रहा है। हिंदू लड़की सुरक्षित नहीं। जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदुओं का सम्मान से जीना और मुश्किल होता जा रहा है। अभी तक वहां गरीब हिंदुओं परिवारों की लड़कियों का ही अपहरण कर उन्हें जबरन मुस्लिम बनाने के मामले में सामने आते थे, लेकिन अब हालात बेकाबू से दिखते हैैं और कोई भी हिंदू लड़की सुरक्षित नहीं दिखती। सिंध प्रांत के खैरपुर जिले की शिक्षिका आरती बनी नई शिकार बीते हफ्ते सिंध प्रांत के खैरपुर जिले के कासिम मॉडल स्कूल की शिक्षिका आरती कुमारी को इलाके के दंबंग … Continue reading पाक में एक और हिंदू युवती का जबरन निकाह

आर्य मंतव्य (कृण्वन्तो विश्वम आर्यम)