एते चतुर्णां वर्णानां आपद्धर्माः प्रकीर्तिताः । यान्सम्यगनुतिष्ठन्तो व्रजन्ति परमं गतिम् ।

यह प्रक्षिप्त श्लोक है और मनु स्मृति का भाग नहीं है .

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *