हर आदमी का हाल दो-दो फरिश्ते लिखते रहते हैं
इन दो फरिश्तो के हर व्यक्ति का हाल लिखते रहने ही मिथ्या कल्पना को सत्य साबित करें?
देखिये कुरान में कहा गया है कि-
अम् यह-सबू-न अन्ना ला नस्मअु ………..।।
(कुरान मजीद पारा २५ सूरा जुरूरूफ रूकू ७ आयत ८०)
क्या ये लोग यह ख्याल करते हैं कि हम इनके भेद और मशविरें नहीं जानते, हां-हां हम सब जानते है और हमारे फरिश्ते उनके पास सब बातों को लिख लेते हैं ।
समीक्षा
खुदा ने हर आदमी पर दो-दो फरिश्ते लगा रखे हैं जो उसके हर काम को लिखते रहते हैं और उसकी रिपोर्ट खुदा को देते रहते हैं ऐसा कुरान व इस्लाम मानता है