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शैतान रात में मोमिनों के नाक में ठहरता है!

इस्लाम में वैज्ञानिकी तथ्यों की कोई कमी नहीं। इसके एक नहीं सहस्त्रों प्रमाण हैं। एक उदाहरण–

सही बुखारी, जिल्द ४, किताब ५४, हदीस ५१६-

अबु हुरैरा से रिवायत है कि मोहम्मद साहब आप फरमाते हैं, “यदि तुम में से कोई नींद से उठता है और मुँह(चेहरा) धोता है, तो उसे अपनी नाक को पानी में डालकर धोना चाहिए और तीन बार छिड़कना चाहिए क्योंकि शैतान पूरा रात नाक के उपरी हिस्से में ठहरता है।”

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यही बातें सही मुस्लिम, किताब २, जिल्द ४६२ में भी है।

वाह जी वाह! क्या बात है? चलो कुछ प्रश्नों का उत्तर दे दो जी।

१. ये शैतान रात में नाक में क्यों आ जाता है? क्या उसे रात में डर लगता है?
२. शैतान दिन में कहाँ चला जाता है? क्या खाता-पीता है?
३. और ये शैतान नाक में घुस कैसे जाता है? घुस कर करता क्या है?
४. शैतानों की संख्या कितनी है? यदि उसकी संख्या बढ़ती-घटती है तो कैसे?
५. इतने सारे शैतानों को पैदा करता कौन है और क्यों?
६. शैतान इतना छोटा है या अपने हाइट को घटा-बढ़ा सकता है?
७. शैतान यदि नाक में घुस जाता है तो वो उस मोमिन को बहका नहीं देता होगा? जो बहक गया वो काफिर हुआ न! अर्थात् रात में सभी सोये हुए मोमिन काफिर हुए? तो जो मोमिन जगे होते होंगे रात में उन्हें इन सोये हुओं का जिहाद कर देना चाहिए?

मुफ्त का सुझाव : यदि शैतान नाक में घुस आता है तो काबे के पत्थर पर क्यों मारते हो? अपने नाक पर ही पत्थर मारो। इससे शैतान मर जाएगा।

12 thoughts on “शैतान रात में मोमिनों के नाक में ठहरता है!”

  1. OUM…
    ARYAVAR, NAMASTE….
    THODI SI LEKH ME BAHOOT KUCHH BATAA DIYAA AAPNE…AAP KI LEKHAN SHAILI KO NAMAN….!
    CHARAIVETI…..CHARAIVETI….
    DHANYAVAAD
    NAMASTE..

  2. झुठ की भी हद होती हैं इमाम बुखारी की दो किताबें है 1 मुस्नद अल अदद जिसमे ईमाम बुखारी ने झुठी सच्ची सब रिवयतें भर दी हैं ।ईमाम बुखारी खुद मुस्नद अलअदद को काबिले कबुल नही समझते हैं
    दुसरी किताब हैं सही अल बुखारी जिसके अकवाल तो जईफ़ भी हदीसों की सनदें सही हैं मतन यानि मेटर का कोई लेना देना नही मुसलमान बुखरी व मुस्लिम और तमाम किताबों को सनद के एतबार से कबुल करते हैं ।हजरत मुहम्मद के शिष्यों के बनाए 39 नियमें मे एक नियम यह भी था की कोई कुरआन के खिलाफ हदीस बयान करे तो वह हदीस हर्गिज हजरत मुहम्मद की नही मानी जायेगी
    शैतान के कई अर्थ हैं । तकलीफ देने वाला, वसवसा डालने वाला ,और बहकाने वाला जिन्न , बुखारी शरीफ मे ही आता हैं की बुरे ख्वाब शैतान की तरफ से होते हैं । उक्त बात जिस पर पोस्ट डाली ये हदीसें मुझे ओरिजनल बुखरी व मुस्लिम शरीफ मे कही भी नही मिली इस्लाम और आर्य समाज मे यह फर्क हैं की आर्य समाजी ईश्वर को देखते महसुस न करके भी उसे मानते हैं मगर जिन्न को महसुस न करने देख न पाने पर उसका इंकार करते हैं यह आधा इंसाफ क्यों जी ईश्वर का भी इंकार करो न जिन्न एक ऐसी मखलुक हैं जो सुक्ष्म कणों की आजाद सेटींग से बनी है सौते में बुरे ख्वाब जो अकाइद से मुताल्लिक हो उसके संबंध मे यह हदीस हैं पहले इसका जवाब दो। और इंटरनेशनल नम्बरिंग पर बताओ या किताब का नाम बताओ की बुखारी या मुस्लिम की किस किताब या बाब की हदीसें है आपकी पोल वैसे ही खुल जायेगी ।अच्छा हुआ जो मैंने समय रहते वेदिक धर्म छोड़ दिया वर्ना आज मैं भी झुठा और मक्कार बन जाता

    1. जब रिवायतें झूठी ही थीं तो इकट्ठा करने की क्या जरूरत थी।
      और रिवायतें झुठीं हैं ऐसा यदि बुखारी ने लिखा है तो हमें भी बताएं हमारे इल्म में भी इजाफा हो जाएगा ।
      बुखारी की रिवायतें तो सनदों के साथ हैं तो क्या सहाबी झूठे हैं ?

  3. ताकी कोई उन रिवायतों को सच्चा कह कर बेवकुफ न बनाए इस कारण झुठी रिवायतों की पोल खोलने को इकट्ठा की और भाई वेद की साइंस पर कब चर्चा करोगे ईश्वर बड़ा साइंटिस्ट हैं जो यजुर्वेद मे अपनी सर्वव्यापकता हाजार सिर आँख पैर के उदाहरण से बताता हुै लगे हाथ इस साइंस का भी खुलासा करें ना

    1. सच्चा कह कह बेवकूफ न बनाएं लेकिन बुखारी ने इन हदीसों में ये नहीं कहा कि ये गलत हैं बल्कि उसने तो सनदें दे कर ये पुख्ता किया कि ये सही है और आखिर हदीस क्या है पैगम्बर का कहा या उनके द्वारा किया गया कोई कार्य या घटना जिसकी जानकारी सनदों से पहुँचीं भला वो गलत कैसे हो सकती है ,☺️ रही ईश्वर के सर्व व्यापक होने की बात तो वो तो आप भी मानते तो की अल्लाह हाजिर नाज़िर है खुदा हाज़िर नाज़िर है या नहीं वो अलग बात है कभी उस पर भी चर्चा करेंगे हालांकि यहां मुद्दा हदीस का है

      1. सच्चा कह कह बेवकूफ न बनाएं लेकिन बुखारी ने इन हदीसों में ये नहीं कहा कि ये गलत हैं बल्कि उसने तो सनदें दे कर ये पुख्ता किया कि ये सही है और आखिर हदीस क्या है पैगम्बर का कहा या उनके द्वारा किया गया कोई कार्य या घटना जिसकी जानकारी सनदों से पहुँचीं भला वो गलत कैसे हो सकती है ,☺️ रही ईश्वर के सर्व व्यापक होने की बात तो वो तो आप भी मानते तो की अल्लाह हाजिर नाज़िर है खुदा हाज़िर नाज़िर है या नहीं वो अलग बात है कभी उस पर भी चर्चा करेंगे हालांकि यहां मुद्दा हदीस का है
        मैंने जिस किताब की बात की वो किताब मुस्नद अल अदद हैं और नाक वा कान वाली हदीस का जवाब फतहुल बारी 4/1076 से लो इनका अर्थ वास्वसा ही किया जाता हैं। और जनाब वेद मंत्रो के भी अर्थ वेद के आने के कई बाद शत पथ गोपथ और निरुक्त ने दिए और सनद का अर्थ होता हैं हदीस बयान करने वाले सही लोग है मतन की कोई सनद नही होती हदीस की सनद 100% सही हो मतन क़ुरआन से टकराये उसे सही नही माना जाता जैसे सत्यार्थ प्रकाश मे दयानंद लिखते वेद से टकराने उपनिषद और वेदिक कोश को भी ग्रहण नही करना चाहिए यह नियम तो हर जगह होगा क्योंकि बुखारी की ही सनद से मुस्नद हकीम की आई रिवायतों को मतन की गड़बड़ के कारण जईफ माना जाता हैं लेकिन यह मुद्दा वो नही है मुद्दा तो यह हैं की अगर सनातनी आलिमो के मुकाबले वेद अर्थ पुराने निरुक्तकार जैसे विद्वानों की मा नी जानी चाहिए तो में भी वही कहरहा हूँ अगर आचार्य यस्क अपने निरुक्तकर गुरुओ से सिख कर निघंटु ग्रंथ लिखते हैं तो इमाम बुखारी से सिख कर इब्न हज़र ने बुखारी की हदीसों के भाष्य लिखे हैं उन्ही का संदर्भ आपको दिया हैं ।

        1. कुरैश साहब
          आपका यह कहना सत्य है कि उपनिषद आदि के वेद विरुद्ध होने पर वेद ही मान्य है ऐसा इसलिए कि वेद परम प्रमाण हैं और उपनिषद ऋषियों की रचनाएं हैं परंतु यह तर्क क़ुरआन के संदर्भ में नहीं लागू होता क्योंकि क़ुरआन के के अनुसार मुहम्मद साहब जो कहते हैं वह अल्लाह की तरफ से है Nor does he speak from [his own] inclination. It is not but a revelation revealed, [53:3-4]
          अर्थात यह तो ईश्वरीय ज्ञान है।

          या फिर ये मान लिया जाए कि जिस तरह अल्लाह के ज्ञान में पूर्व में। मिलावट हो गई इस बार भी हो गई है और यह तथ्य भी है क्योंकि काफी आयतों को तो बकरी ही चर गई बाकी उथमान के समय मे। जो हुआ वह तो आपको इल्म होगा ही

  4. Hadith Collection
    Sahih Muslim
    Sahih Muslim Book 002, Hadith Number 0462.

    Chapter : While cleaning the nose and using of pebbles in the toilet, the odd number is preferable.

    Abu Huraira reported: The Apostle of Allah (may peace be upon him) said: When any one of you awakes up from sleep and performs ablution, he must clean his nose three times, for the devil spends the night in the interior of his nose.

    ये लो सही मुसलिम।

    ये सही मुसलिम है। कोई मुसनद फुसनद नहीं और आपकी ही इस्लाम की वेबसाइट है

  5. Volume 4, Book 54, Number 516 :
    Narrated by Abu Huraira
    The Prophet said, “If anyone of you rouses from sleep and performs the ablution, he should wash his nose by putting water in it and then blowing it out thrice, because Satan has stayed in the upper part of his nose all the night.”

    ये सहीह बुखारी ।
    यह सही और प्रामाणिक है।

    ये लो लिमक भी रख लो:- https://www.sahih-bukhari.com/Pages/Bukhari_4_54.php

  6. ” निश्चय ही तुम लोगों के लिए अल्लाह के रसूल का चरित्र उत्तम आदर्श है ” सूरा -अहजाब 33:21

    जब अल्लाह का रसूल की फैसला कर दे ,तो किसी को कोई अधिकार नहीं रह जाता है कि ,वह रसूल कि वह रसूल के फैसले कि अवज्ञा कर सके .”

    सूरा -अहजाब 33 :36 .

    “इब्ने अब्बास ने कहा कि ,जो रसुल के आदेश को कबूलकरेगा और मान लेगा समझ ले कि उसाने अल्लाह केअदेश को मान लिया .और जो रसूल के आदेश का विरोध करेगा वह अल्लाह का विरोध माना जाएगा “बुखारी -जिल्द 5 किताब 59 हदीस 634 .

    रसूल ने कहा कि केवल मुझे ही अलह के बारे में पूरी पूरी जानकारी है ,कि अल्लाह कैसा है ,और कहाँ रहता है ,और भवष्य में क्या करने वाला है ”

    सही मुस्लिम -किताब 30 हदीस 5814

    “आयशा ने कहा कि ,जब भी मोमिन रसूल के पास आकर,उन से अल्लाह और रसूल के अधिकारों ,के बारे में कोई सवाल करता था ,तो रसूल एकदम भड़क जाते थे ,और कहते थे कि ,मैं अल्लाह को अच्छी तरह पहिचानता हूँ .मुझ में और अल्लाह में कोई फर्क नहीं है .मैं अल्लाह के बारे में तुम सब से अधिक जानता हूँ ”

    बुखारी -जिल्द 1 किताब 2 हदीस 19

    इससे सिद्ध है कि मोमिनों को रसूल की कही ये सब बातें परमप्रमाण और अल्लाह के तुल्य मान्य होनी चाहिये।

  7. एक बार भी क़ुरआन को गैंर मंतकी साबित किया है। सवाल उठाना अलग बात हैं साबित करना दूसरी सही मुस्लिम से उठाये सवाल का जवाब भी देंगे 2 दिन ज़रा मसरूफ़ हूँ ।और जिस राहुल जि वाली लिंक की बात आप करते हो वो मेरी नही बलकि शाहरुख अबीब साहब तेकनलजी स्टूडेंट ने मुझे देने को कहा था । फिर भी में उसे स्वीकार करता हूँ ।जवाब जल्द मिलेगा ।

    1. ठीक है जवाब की प्रतीक्षा रहेगी
      आराम से जब भी समय मिले जवाब दे देना

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