यह मनु कौन थे: पण्डित गंगा प्रसाद उपाध्याय

यह मनु कौन थे यह कहना कठिन है । जिस प्रकार उपनिषत कारो तथा दर्शनकारो के विषय में बहुत कम ज्ञात है उसी प्रकार मनु के विषय में हम कुछ नही जानते । कही कही तो मनु को केवल धर्म शास्त्र का रचियता बताया गया है और कही कही समस्त सृष्टि की उत्पति ही मनु से बताइ्र्र गई है । आघ्र्य जैसी प्राचीन जाति क साहित्य मे इस प्रकार की कठिनाइयो का होना स्पाभाविक है । इसी शताब्दी के भीतर दयानन्द नाम मे दो व्यक्ति हुये एक आयर्य समाज के संस्थापक और दूसरे सनातमर्ध मंडल के कायर्यकर्ता । इन दोनो के विचारो में आकाश पाताल का भेद है । परन्तु यह बहुत ही संभव है कि कुछ दिनो पश्चात एक … Continue reading यह मनु कौन थे: पण्डित गंगा प्रसाद उपाध्याय

मनु स्मृति का वैदिक साहित्य में प्रमाण : पण्डित गंगा प्रसाद उपाध्याय

मानव धर्मशास्त्र का वैदिक साहित्य में बहुत गोरव है । आयर्य जाति की सम्यता का मानव धर्मशास्त्र के मनुस्मृति का वैदिक साथ एक घनिष्ट संबंध हो गया है । हम चाहे मनु तथा मनुस्मुति के विषय में पुछे गये अनेको प्रश्नो का समाधान न कर सके तो भी यह अवश्य मानना पडता है कि मनु अवश्य ही कोई महा पुरूष था जिसके उपदेश आयर्य सभ्यता के निमार्ण तथा जीवन – स्थिति के लिए बडे भारी साधक सिद्ध हुए और उन पर विद्वानों की अब तक श्रद्धा चली आती है । निरूक्तकार यास्क ने दायभाग के विषय में मनु को प्रमाण माना है:- अविशेषेण मिथुनाः पुत्रा दायादा इति तदेतद झक श्लोकभ्याम्भ्यक्त । अगादंगात्सम्भवसि हदयाधिजायते । आत्मा वै पुत्रनामासि स जीव शरदः … Continue reading मनु स्मृति का वैदिक साहित्य में प्रमाण : पण्डित गंगा प्रसाद उपाध्याय

मनु नाम की महत्ता : पण्डित गंगाप्रसाद उपाध्याय

वैदिक साहित्ष्किो के मार्ग मे इस प्रकार की सहस्त्रो अडचने है जिनका अधिक उल्लेख यहाॅ नही करना मनु नाम की महता  चाहिए । परन्तु इसमे भी सन्देह नही कि कोई न कोई विद्वान मनु हो गये है जिनहोने आचार (Moral Laws) और व्यवहार (Juris-prudence) के सम्बन्ध मे नियम बनाये जिनका नाम मानव धर्म शास्त्र या मनुस्मृति पड गया । मनु नाम की महता अन्य देशो के प्राचिन इतिहास से भी विदित होती है । सर विलियम जोन्स (Sir W.Jones) लिखते है:- “We cannot but admit that Minos Mnekes or Mneuis have only Greek terminations but that the crude noun is composed of the same radical letters both in greek and Sanskrit” अर्थात यूनानी भाषा के माइनोस आदि शब्द संस्कृत के … Continue reading मनु नाम की महत्ता : पण्डित गंगाप्रसाद उपाध्याय

जो भी संसार में है, उसका नाम व काम परमेश्वर द्वारा नियम किया हुआ है। कहा जाता है कि मनुष्य कर्म करने में स्वतन्त्र है, इसका हनन उपरोक्त कथन में होता है।

जिज्ञासा-  इसलिए जो भी संसार में है, उसका नाम व काम परमेश्वर द्वारा नियम किया हुआ है। कहा जाता है कि मनुष्य कर्म करने में स्वतन्त्र है, इसका हनन उपरोक्त कथन में होता है। अमरसिंह आर्य, सी-12, महेश नगर, जयपुर-15 समाधान- (ग) जिज्ञासा-समाधान 103 में जो समाधान ‘क’ के अन्त में लिखा ‘‘इसलिए जो भी संसार में है, उसका नाम व काम परमेश्वर द्वारा नियम किया हुआ है।’’ इसका तात्पर्य यह कदापि नहीं कि मनुष्य के कर्म करने की स्वतन्त्रता का हनन हो रहा है। वहाँ मनु का प्रमाण देते हुए कहा था- सवेषां तु नामानि कर्माणि च पृथक्-पृथक्। वेदशदेय एवाऽऽदौ पृथक्संस्थाश्च निर्ममे।। -मनु. 1.21 परमेश्वर ने संसार के सब पदार्थों के नाम व काम निर्धारित कर रखे हैं। सूर्य, … Continue reading जो भी संसार में है, उसका नाम व काम परमेश्वर द्वारा नियम किया हुआ है। कहा जाता है कि मनुष्य कर्म करने में स्वतन्त्र है, इसका हनन उपरोक्त कथन में होता है।

Woman in Indonesia given 25 lashes under Sharia for sex before marriage

The punishment was in accordance with the Sharia law, which forbids having sex outside of wedlock and punishes all offenders publicly.  The woman was robed in white, had her face covered and then made to kneel on a stage where she was punished in front of a crowd. (Photo: AP) Jakarta: A couple was given between 23 to 25 lashes each in public, with a cane for having sex before marriage in Indonesia.  The woman was robed in white, had her face covered and then made to kneel on a stage where she was punished in front of a crowd. The punishment was in accordance with the Sharia law, which forbids having sex outside of wedlock and punishes all offenders … Continue reading Woman in Indonesia given 25 lashes under Sharia for sex before marriage

कुरान समीक्षा : जमीन और पहाड़ उठाकर तोड़े जायेंगे

जमीन और पहाड़ उठाकर तोड़े जायेंगे निराधार आकाश में स्थित जमीन को उठाकर तोड़ना कैसे सम्भव होगा? सप्रमाण यह स्पष्ट किया जावे? देखिये कुरान में कहा गया है कि- फयौमइजिंव्व-क-अतिल…………।। (कुरान मजीद पारा २९ सूरा हाक्का रूकू १ आयत १४) और जमीन और पहाड़ दोनों उठा लिये जायेंगे और एक बारगी तोड़-फोड़ कर बराबर कर दिये जायेंगे। समीक्षा उठाकर तोड़ना उसका होता है जो किसी पर रखा होता है। जमीन आकाश में निराधर रूप से स्थिर है। उसका उठाना गिराना बताना कम अक्ल की बात है।

Religious places should have a limit on the loudspeaker’s volume: Gul on Azaan Row

Religious places should have a limit on the loudspeaker’s volume: Gul on Azaan Row Gul Panag also said that famous and influential people should speak out on such matter.  Gul Panag New Delhi: Reacting to the entire controversy regarding Sonu Nigam’s controversial tweets about ‘forced religiousness,’ actress Gul Panag has said that famous and influential people should speak out on such matter as it can make a difference. When asked if she supports Nigam’s statement about loudspeakers, she told ANI, “I just want to say that every religious place, whether it is a church, a temple, a mosque or a gurudwara there should be a limit as to how high the volume of the loudspeaker should go, so that people … Continue reading Religious places should have a limit on the loudspeaker’s volume: Gul on Azaan Row

आर्य मंतव्य (कृण्वन्तो विश्वम आर्यम)