लव जिहाद कारण : निवारण

कल तक सनातनी परिवार में चहकती हुई बच्ची जो आध्यात्म में डूबी रहती थी, परिवार जिसे पलकों पर बिठाए रखता था,  लड़की के अच्छे भविष्य के लिए उसकी शिक्षा में कोई कमी नहीं रखी न ही उसकी इच्छाओं का कभी हनन किया गया हो, जिसके बचपन से लेकर जीवन पर्यन्त तक के स्वप्न माता पिता ने देखे हो

और

एक दिन वह आपके घर से यह कहकर चली जाए की में अपनी इच्छा से एक मुस्लिम लड़के से विवाह कर लिया है और मेने इस्लाम कबुल कर लिया है और अब में अपने पति के संग रहने जा रही हूँ, सोचिये वह पल आपके लिए कितना हृदय विदारक होगा

ऐसी घटनाए आजकल रोजाना हो रही है रोजाना ५ १० १५ बच्चियों को बहला फुसलाकर प्यार के जाल में फसाकर धर्मान्तारण करवाया जाता है

ऐसी ही राजस्थान के जोधपुर शहर में लव जिहाद की एक घटना आजकल सुर्ख़ियों में है, सिंघवी परिवार की लडकी “पायल” उर्फ़ आरिफा ने इस्लाम कबूल कर एक मुसलमान से विवाह कर लिया

परिवार ने भरसक प्रयास किया जिससे लड़की को पुनः घर वापसी कर परिवार में लाया जा सके परन्तु लड़की ने पति के साथ जाने की इच्छा जताई और न्यायाधीश ने उसे स्वतंत्र कर दिया

इस घटना ने शहर के कई परिवारों को हिला कर रख दिया शांत सा रहने वाला जोधपुर शहर आजकल बैचेन सा है और कारण है यह लव जिहाद

अपने मासूक की बाहों में लड़कियां अपने माँ बाप की सारी परवरिश उनका लाड प्यार किनारे कर देती है !

 

क्या यह सब कुछ अचानक हो जाता है ?
नहीं !! यह सब एक षड्यंत्र के तहत होता है इस बच्ची की कहानी स्पष्ट ही इस षड्यंत्र को खोलकर रख देगी

 

एक सम्पन्न सुखी परिवार की बच्ची थी पायल जिसके सुख सुविधा में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं आने दी गई आध्यात्म से जुडी हुई बच्ची थी

कुछ चीजे है जो उसके लिए घातक बनी जैसे घर वालों और बच्ची का साईं बाबा का भक्त होना, साईं बाबा के लगभग सभी भक्त सेक्युलर होते है जिन्हें हिन्दू मुस्लिम में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं दीखता यहाँ तक की साईं का दीन इस्लाम ही उसे समस्त मत मतान्तरों से श्रेष्ठ लगने लगता है, क्यूंकि साईं बाबा को प्रदर्शित ही ऐसे रूप में किया गया है -जैसे हर समय सबका मालिक एक है और उसे अल्लाह बताना, हर समय उसका मस्जिद में रहना दिखाना आदि अनेक ऐसी बाते है जो उनके भक्तों में एक प्रकार की कम्युनिष्ट भावना को जन्म देती है जो उसे इस्लाम की और घकेलने में सहायक बनती है

 

मुसलमान इसका पूरा फायदा उठाते है, इसके साथ यह भी ज्ञात हुआ की यह बच्ची जिस “फैज” के जाल में फसी है यह उसके साथ कई वर्ष पढ़ चुकी है, यहाँ परिवार की गलती यह है की कभी बच्ची के बारे में ध्यान नहीं देना की वह किसके साथ उठती बैठती है किसके साथ खेलती है बाते करती है उसकी दिनचर्या क्या है

इन सब बातों पर ध्यान नहीं देने का परिणाम भी यही होता है जो हम सभी को देखने को मिल रहा है

 

परिवार वालों को पहले संदेह भी हुआ था की लड़की का ऐसा कोई मित्र है जो मुस्लिम है परन्तु उस और पूरा ध्यान नहीं देना उनकी सबसे बड़ी गलती बनी

फिर परिवार को समय नहीं देना जैसे भाई व्यापार में और पिता अपने कार्यों में व्यस्त रहते थे जिससे बच्ची पर पूरा ध्यान नहीं दिया गया

 

मुस्लिम लड़के हमेशा ऐसे ही लड़कियों को निशाना बनाते है जो सम्पन्न परिवार से हो और जिनके परिवार में बच्चों को संस्कार और परिवरिश में नहीं पाला जाता है

माता पिता का बच्चों पर ध्यान नहीं देना भी कभी कभी बच्चों के मन में हीन भावना को जन्म दे देता है जिसके चलते भी बच्चियां लव जिहाद की आसान शिकार बन जाती है

बच्चों को स्मार्ट फोन दिलाना आज फैशन बन चूका है इसके चलते भी बच्चे हाथ से निकल रहे है

जरूरत है थोड़ी सी समझदारी और सतर्कता की यदि माता पिता बच्चों की दिनचर्या उनके साथी संगियों का पूरा ध्यान दें

स्मार्ट फोन में ट्रेस करने के सॉफ्टवेर आदि का उपयोग कर बच्चों पर नजर रखे

बच्चों को छुट एक सीमा तक ही दें

बच्ची के ऐसे कृत्य करने के पीछे लगभग माता पिता की लापरवाही ही है और यह उनकी गलती की वजह से ही है आजकल माता पिता अपने बच्चों को संस्कार ही नहीं देते

सत्यार्थ प्रकाश जैसी पुस्तकें पढने नहीं देते न ही घर में रखते है, वीर वीरांगनाओं के पराक्रम पर लिखी पुस्तकें घर में नहीं रखते उन्हें किसी महापुरुष को अपना आदर्श बनाने को प्रोत्साहित नहीं करते

 

इस अभाव में आदर्श बनाते भी है तो किन्हें इन नट कलाकारों को जो स्वयं अपने शरीर को पल पल बेचते है इन भांडों को जो रात को अलग पति दिन को अलग पति बनाते है

 

फिर जब बच्चे हाथ से निकल जाते है तो आर्य समाज जैसे संगठन याद आता है जब इन्हें आर्य समाज धर्म की बात सुनाने को प्रयास करता है तो यह इन्हें बुड्ढो का काम लगता है कभी बच्चों को अपने दादा दादी के साथ धर्म शिक्षा लेने नहीं भेजते न विद्वानों को घर आमंत्रित करते है

जाते भी है तो चटनी वाले बाबाओं के पास जहाँ ठगे जाते है और विद्वानों को बदनाम करते है

जोधपुर के इस केस में बच्ची फैज नाम के लडके के जाल में फसी जो मुस्लिम तेली परिवार से सम्बन्ध रखता है परिवार अधिक सम्पन्न नहीं है ३ भाई और एक बहन है जिसका तलाक हो चुका है और वह भी अपने माँ बाप के साथ ही रह रही है, लड़के का कोई ख़ास करियर भी नहीं है, घड़ीसाज का कार्य करता है किसी दूकान पर, इसके अतिरिक्त दोनों भाई भी कोई कार्य नही करते

परिवार को जब लड़की के मुस्लिम लड़के के साथ भागने की सुचना मिली तो परिवार ने रिपोट दर्ज कराई और पता चला की लडकी ने ऐसा कृत्य कर लिया है, परिवार ने बच्ची को बहला फुसलाकर भगाने, उसका माइंडवाश करने, जबरन धर्म परिवर्तन कराने के आरोप लगाये

 

कोर्ट ने सुनवाई के बाद उसे ३ ४ दिन के लिए नारी निकेतन में भेजा दिया, परिवार ने बहुत प्रयास किये की लड़की को कैसे भी करके समझा बुझा कर घर लाया जाए

परन्तु सफल न हो पाए

अगली सुनवाई में लड़की ने अपने ससुराल जाने इच्छा जताई जिस पर कोर्ट ने उसे स्वतंत्र कर दिया

यह सब एकाएक नहीं हुआ, इसके लिए कई सालों से जाल बुना हुआ था, मुसलमानों में बहुपत्नी रखने की स्वतन्त्रता है उसी का फायदा मुसलमान यह उठाते है की शादीशुदा होने के बावजूद भी वे हिन्दू लड़कियों पर जाल बिछाते है

आवश्यकता है आज जागरूकता की आज सिंघवी परिवार की बच्ची गई है, कल गोयल की, परसों कुमावत की, अगले दिन राजपुरोहित की जायेगी परन्तु इसकी हानि सारा हिन्दू समाज भुगतेगा

गजवा ए हिन्द के मिशन में आपकी यही बच्चियां इनका साथ बटायेगी इनके लिए बच्चे पैदा करेगी उन्हें आपके सारे रीती रिवाजों और पाखंडों से अवगत कराएगी जिससे इनके बच्चे भी लव जिहाद में आसानी से सफल हो पाए

आज जिनकी बच्चियां, बहने, भतीजी, आदि है उन्हें सतर्क रहने की उनका पूर्ण ध्यान रखने की जरूरत है

ऐसी स्कूलों में न पढाये जहाँ लड़के लड़कियों को सम्मिलित पढाया जाता है, लडकियों को बाहर अकेले न भेजे अधिक जरूरत हो तो समय निर्धारित करे की इतने समय में घर वापस आना है, घर पर आने के बाद भी उसकी गतिविधियों पर ध्यान दें उसकी दिनचर्या के हर बदलाव के प्रति सतर्क रहे

 

उसकी सहेलियों के चरित्र और परिवारों की जानकारी भी रखे कई बार इनसे भी धोखा मिल जाता है मुस्लिम सहेलियाँ हिन्दू लड़कियों को आसानी से फसा लेती है

 

बच्चों के साथ मित्रों जैसा व्यवहार रखे

 

और जब भी हल्की सी भनक पड़े की बच्ची की गतिविधियाँ संदिग्ध है तो पूरी जानकारी हासिल करने का प्रयास करें

ऐसी परिस्थितियाँ पैदा न करे की बच्ची अपने आप को कैदी महसूस करने लगे और केवल बच्चियों पर ही नहीं बच्चों पर भी पूरा ध्यान दें यह कभी अपने व्यवहार में न लाये जिससे आपके प्यार में लड़का लड़की के लिए भेद जैसी बात सामने आये, बच्चों में कभी भेद न करें हर सुख सुविधा सभी को बराबर मिले इसका पूर्ण ध्यान दें

यह बिलकुल नहीं कह रहे की लड़के कभी गलती नहीं करते गलतियाँ बच्चे करते ही है इसलिए किसी भी अप्रिय घटना घटने से अच्छा है की आप सतर्क रहे बच्चों पर पूरी निगरानी रखे

आजकल ऐसी एप्लीकेशन आती है जिससे बच्चों की सोशल गतिविधियों की पूरी जानकारी आपको मिल सकती है उनका उपयोग लें

किसी एक्सपर्ट से सलाह लें !!

 

लव जिहाद केरल में नहीं जोधपुर में नहीं हर जगह पहुँच चूका है अतः इसे पढ़कर यह कहकर लापरवाह न बन जाए की अरे फलाना लड़की थी ही ऐसी हमारी बच्चियां तो संस्कारी है, क्यूंकि यह एक आग है जो कब आपके घर को राख कर देगी आपको स्वयम पता नहीं चलेगा और कल को आपका परिवार भी उन परिवारों की सूचि में हो और लोग ऐसे ही ताने कसे जैसे आप कस रहे है इससे अच्छा है सतर्क हो जाए

 

धन्यवाद

 

नमस्ते

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