कुरान समीक्षा : खुदा ने मकर किया अर्थात् खुदा मक्कार है

खुदा ने मकर किया अर्थात् खुदा मक्कार है

कुरान ने खुदा को मकर करने वाला अर्थात् मक्कार लिखकर खुदा की इज्जत बढ़ाई है या उसकी शान में बट्टा लगाया है?

देखिये कुरान में कहा गया है कि-

व म-करू मक-रंब्-व म-कर्ना……….।।

(कुरान मजीद पारा १९ सूरा नम्ल रूकू ४ आयत ५०)

और मकर किया उन्होंने एक मकर और मकर किया हमने एक मकर और वह नहीं जानते थे पर देख क्यों कर हुआ? आखिर काम मकर उनके का।

फन्जुर् कै-का-न आकिबतु………..।।

(कुरान मजीद पारा १९ सूरा नम्ल रूकू ४ आयत ५१)

यह कि हलाक किया हमने उनको और कौम उनकी को।

व इज् यम्कुरू बिक्ल्लजी-न क…………।।

(कुरान मजीद पारा ९ सूरा अन्फाल रूकू ४ आयत ३०)

काफिर फरेब करते थे अल्लाह भी फरेब करता था । अल्लाह फरेब करने वालों में अच्छा फरेब करने वाला है।

समीक्षा

यदी किसी शख्स ने मक्कारी की तो खुदा ने भी मक्कारी की यह कुरान बताता है। पता नहीं खुदा को मक्कारी करने से उसकी बेइज्जती मुसलमान क्यों नहीं मानते हैं।

यह तो ठीक है कि खुदा अपनी मक्कारी में जीत गया पर मक्कार होना तो बुरी बात है, इससे अरबी खुदा की शान नहीं बढ़ती बल्कि गिरती है।

4 thoughts on “कुरान समीक्षा : खुदा ने मकर किया अर्थात् खुदा मक्कार है”

  1. जरूरी है कि किसी शब्द का अर्थ अरबी में जो है वही अर्थ हिन्दी में भी हो अतः अरबी में मकर का अर्थ गुप्त योजना होता है जबकि हिंदी में मकर का अर्थ घड़ियाल मगरमच्छ, मछली, एक राशि का नाम, नौ निधियों में से एक, धोखा , छल, नखरा आदि होता है।

  2. अरबी में मकर का अर्थ गुप्त योजना होता है न की धोखा।
    जैसे इंगलिश में कम अर्थ आना होता है जबकि हिन्दी में कम का अर्थ अल्प होता है

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