All posts by Amit Roy

HADEES : TWO-THIRD FOR LEGAL HEIRS

TWO-THIRD FOR LEGAL HEIRS

The estate of a deceased person can be distributed after certain obligations, such as funeral expenses and debts incurred by the deceased, have been met.  A person who professes a religion other than Islam cannot inherit anything from a Muslim, and vice versa (3928).  Another principle of inheritance is that �the male is equal of the portion of two females� (3933).

Muhammad says that one can will only one-third of one�s property; the remaining two-thirds must go to the legal heirs.  Muhammad visited Sa�d b. AbI WaqqAs, on his deathbed.  Sa�d had only one daughter.  He wanted to know whether he could will two-thirds or half of his property in sadaqa (charity).  The Prophet replied: �Give one third, and that is quite enough.  To leave your heirs rich is better than to leave them poor, begging from people� (3991).

author : ram swarup

बौद्धों के कातिलों को मिला बुखारी का साथ… दुनिया भर के मुसलमानों से हुई “बुखारी अपील”

बौद्धों के कातिलों को मिला बुखारी का साथ… दुनिया भर के मुसलमानों से हुई “बुखारी अपील”

आतंक प्रेमी इमाम सैयद अहमद बुखारी भारत के लहूलुहान करने वालो के पक्ष में ना बोले ऐसा हो नहीं सकता। आपको बता दे की इन मुसलमानो को कोई भी देश अपने यहाँ लेने को तैयार नहीं है क्योकि ये बेहद खतरनाक और कट्टर है। ये रोहंगिया मुस्लमान इतने कट्टर होते है की मुस्लिम देशों ने भी इनको लेने से इंकार कर दिया, मलेशिया, और बांग्लादेश ने भी इनको लेने से इंकार कर दिया है। अब बुखारी इस मामले को लेकर सामने आये है। बुखारी ने दुख जाहिर करते हुए कहा है कि इस मुद्दे पर इस्लामिक देशों की खामोशी अफसोसजनक है। बुखारी ने सऊदी किंग सलमान बिन अब्दुल अजीज के नाम पत्र लिखकर दुनिया भर के इस्लामी देशों की आपात बैठक बुलाने की अपील की। आपको बता दे की रोहंगिया मुसलमान को एक साजिस के तहत जम्मू में बसाया जा रहा है। कश्मीर के तर्ज पर जम्मू के हिन्दुओ की कत्लेआम की साजिस रची जा रही। बुखारी द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि रोहिंग्या मुस्लिम हजारों की तादाद में मारे जा रहे हैं और लगभग एक लाख पलायन करने पर मजबूर हुए हैं।ऐसे में वहां की स्थिति बेहद नाजुक और वीभत्स है। रोहिंग्या मुस्लिमों के सामने अब अस्तित्व का संकट है और उनके सामने शरण और खाद्य सामग्री की जबरदस्त समस्या पैदा हो गई है। बुखारी ने सऊदी किंग से कहा कि आप इस मानवीय संकट पर ध्यान आकर्षित करें और रोहिंग्या मुसलमान, जो एक भयावह स्थिति से पीड़ित हैं, उन्हे बचाने के लिए आगे आएं।

उन्होंने पत्र के जरिए सऊदी किंग से कहा, मौजूदा समय में म्यांमार के रोहिंग्या मुस्लिम जिस दर्दनाक स्थिति से गुजर रहे हैं उससे आप परिचित होंगे। म्यांमार में मानव अधिकारों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है. वहां के सुरक्षा बल और बहुसंख्यक बौद्ध आबादी के हाथों मुसलमानों पर बर्बरतापूर्वक अत्याचार किए जा रहे है आपको बता दे की म्यांमार में इनने आराकान रोहंगिया रक्षा सेना बना रखा है जो बुद्धो के कत्लेआम की जिम्मेवार है। ये सेना उत्तरी म्यांमार के रखाइन से संचालित होती है। रखाइन बहुल इलाका है रोहंगिया मुसलमानो का जहाँ इन्होने बौद्धों का कत्लेआम कर दिया। जिसके बाद म्यांमार सरकार ने नागरिकता देने इंकार कर दिया। आप इसका अंदाजा इसी से लगा सकते है की इतने कट्टर और जिहादी किस्म के होते है की, म्यांमार में बौद्धों ने भी शांति छोड़ हथियार उठा लिया था।

source: http://www.sudarshannews.com/category/national/bukhari-wrote-letter-to-saudi-king-for-rohingya-muslims-5789

हदीस : करार

करार

मुहम्मद ने करार को मान्यता दी। जब तक करार में कुछ और न लिखा हो तो ”फल देने के लिए तैयार पेड़ को खरीदने पर फल उस व्यक्ति के होते हैं जिसने (उस पेड़ को) बेचा है …… और किसी गुलाम को खरीदने पर, गुलाम की जायदाद पर उसका हक़ होगा जिसने (गुलाम को) बेचा है“ (3704)।

author : ram swarup

और वह अग्नि फिर बुझ गई

और वह अग्नि फिर बुझ गई

मनुष्य के मन की गति का पता लगाना अति कठिन है। भीष्म जी में धर्म-प्रचार व समाज-सेवा की जो अग्नि हमने सन् 1957 में देखी वह आग 25 वर्ष के पश्चात् मन्द पड़ते-पड़ते बुझ ही गई। उनकी सोच बदल गई, व्यवहार बदल गया। उनका सज़्मान व लोकप्रियता भी घटते-घटते………। अब वह समाज के नहीं अपने भाई-भतीजों के मोह-जाल में फंस कर संसार से विदा हुए। यह दुःखद दुर्घटना भी शिक्षाप्रद है।

 

HADEES : WAQF

WAQF

Muhammad favored waqf, i.e., the dedication of the corpus of a property to Allah.  �Umar told Muhammad: �I have acquired land in Khaibar [the land of the defeated Jews, which had now been conferred on the Companions]. I have never acquired property more valuable for me than this, so what do you command me to do with it? Thereupon, Allah�s Apostle said: If you like, you may keep the corpus intact and give its produce as sadaqa. . . . �Umar devoted it to the poor, to the nearest kin, and to the emancipation of slaves, and in the way of Allah and guests� (4006).

author : ram swarup

पाकिस्तान में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की हालत

पाकिस्तानी मन्दिर में माँ की मूर्ति के आगे काटा गया ऊँट. पुजारी रो कर पूछा- खून धो लूं या अभी और काटेंगे ?

पाकिस्तान में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की हालत हमेशा चिंताजनक रही है। ताजा मामला बकरीद पर एक मंदिर में बलि देने के लिए पशुओं को रखने का है। पाकिस्तानी समाचारपत्र एक्स्प्रेस ट्रिब्यून के न्यूज एडिटन बिलाल फारूकी ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें कथित तौर पर कराची के एक मंदिर में ऊंट बैठे दिख रहे हैं। बिलाल ने चंद्र प्रकाश खत्री से साभार ये वीडियो शेयर किया है। पाकिस्तानी पत्रकार द्वारा शेयर किए गए वीडियो में मंदिर के अंदर ऊंट के अलावा मोटरसाइकिल रखी नजर आ रही है। बिलाल ने लिखा है, “कराची एयरपोर्ट के निकट एक हिंदू मंदिर में मुसलमानों ने बलि के जानवर रखे हैं। शर्मनाक !” बिलाल ने अपने ट्वीट को अल्पसंख्यक हैशटैग के साथ ट्वीट किया है। उनके ट्वीटर को साढ़े तीन हजार से ज्यादा लोग रीट्वीट कर चुके हैं। इसी के साथ पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर ट्विटर पर बहस छिड़ गयी। बिलाल फारूकी के ट्वीट पर पाकिस्तान के डॉन न्यूज के पत्रकार अब्दुल्लाह राजपूत ने लिखा है, “ये बहुत ही संवेदनशील मसला है, इससे अल्पसंख्यकों का गुस्सा भड़केगा।” ज्योतिका नाम की एक अन्य यूजर ने अब्दुल्लाह के कमेंट पर लिखा है, “अल्पसंख्यकों के गुस्से की चिंता मत करो….वो तो रोज ही अपने वजूद के लिए संघर्ष करते हैं।”
source: http://www.sudarshannews.com/category/international/camel-killed-in-pak-hindu-temple–5726

नोट :  यह पोस्ट इस कारण की गयी   है  जिससे  यह जानकारी दी जा सके की पाकिस्तान में और इस्लामिक देशो में  हिन्दू  अल्पसंख्यक की  क्या हालत है | हम  वेद के मानने वाले हैं  वेद में मूर्ति पूजा करना  मना है |  इस पोस्ट  से यह ना समझा जाए की  हम मूर्ति पूजा करने को बोल रहे हैं |

 

हदीस : बढ़ कर बोली लगाना (बदनी)

बढ़ कर बोली लगाना (बदनी)

मुहम्मद ने बढ़ कर बोली लगाना भी मना किया। ”एक व्यक्ति को सौदे में उस वक्त होड़ नहीं लगानी चाहिए जब उसका भाई पहले से ही सौदा कर रहा हो और जब उसका भाई किसी के साथ शादी का प्रस्ताव पहले ही रख चुका हो, तो किसी को उससे बढ़ कर शादी का प्रस्ताव नहीं रखना चाहिए, सिवाय उस समय ज बवह भाई इसकी अनुमति दे चुका हो“ (3618)। उन्होंने दलाली, अर्थात् ”रेगिस्तान के किसी आदमी की ओर से किसी कस्बे के आदमी द्वारा माल का बेचा जाना“ भी मना किया (3621)।

author : ram swarup